Saturday, December 29, 2018

राजनांदगांव से रवानगी


अब हमारी यात्रा 
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                  शुरू होती है सुबह 5.45 की टाइम रहती है, नागेश और मै पियुष के घर जाते है उसको लेकर निकल जाते है  फिर भी हमारे अवदेश हमेशा कि तरह लेट कर ही देता है और हम सब बैग लेकर सुबह दिल्‍ली दरवाजे के पास सभी आपस मे मिलते है हम सभी का बैग पुरा भरा होता है पर अवदेश पुर खाली ही आ जाता है अब पुछने पर बोलता है नही पुरा समान है बस ओढने का बस घर पर ही छूट गया है, फिर हम सब निकलते है मनसुख लाल पेट्रोल पंप मे पेट्रोल डलवाकर एन एच 53 में यात्रा से पहले एक सेल्‍फी लेते है, सबकी चेहरा एक बाइकर्स की तरह हेलमेट, जैकेट, हेन्‍ड गल्‍फस, जूते के साथ अपटूडेट होकर बाइक से निकलते है, सुबह सुबह ठंड बहुत होने के कारण पुरा हाथ जाम होने लाग गया था, फिर क्‍या करते हमारी अदृश्‍य मंजिल बहुत दूर थी जब हम सब भिलाई शहर मे पहुचे तब कही जाकर सूरज कि किरणे हमारे शरीर को गर्म पडी क्‍योकी उस दिन ठंड बहुत थी। और अब जो नही हुआ था वो हो रहा था रास्‍ते मे हमारे राजनांदगांव के दो मित्र मिल गये जो कि पेपर देने रायपुर जा रहे थे, वो लोग बोले मैनपाट जा रहे हो, वो भी बाइक से नही जा पाओगे बोलने लगा पर हम लोग तो ठान लिए थे जाना ऐसे लोग हमे रोकने वाले मतलब ये टांग खीचने वाले थे चलती गाडी मे मेल मिलाप हुआ और फिर हम सब निकल लिए अपने रास्‍ते पर अब रायपुर शहर पहुचने वाले ही थे सब तरफ चहल पहल हो चुका था, दुकाने खुल चुकी थी सुबह के 10 बज चुके थे हम सब रायपुर शहर से निकर कर विधान सभा रोड के लिए सडडू के पास होटल मे हम सब ने नाश्‍ता किया अवदेश एक ऐसा आदमी है जो डबल से ज्‍यादा खाने वाला वो दो ढाई प्‍लेट नाश्‍ता कर लिया फिर बोलता है चलो हम सब मे रास्‍ता तो कोई भी नही देखा था तो गुगल मैप की सहायता से आगे बलौदाबजार वाले रोड लेकर निकल पडे।   

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