कुनकुरी चर्च
अब हम सभी कुनकुरी चर्च पहुच चुके थे वहां भी गेट से बहुत सारी कारे खडी थी हमे लग रहा था यह चर्च एशिया का दूसरे सबसे बडे चर्च है तो अच्छा बडा सा होगा ऐसा लगा दोस्तो पर ऐसा नही है वो अब वहां पहुचने के लिए एक गली से जाना पडता है जहां सिर्फ एक ही कार अंदर जा सकती है हम लोग को लगा यहां तो पहले से इतनी कारे खडी है तो पता नही हम लोग कैसे अंदर जा पायेगे और वो हम सब कार पार्किग करके सब अंदर पैदल गये रात हो गया था इसलिए हम सबको कुछ समझ नही आ रहा था पर अंदर जाने पर देखे कि बहुत लोग चर्च के बहार ही बैठे थे और हम सब अंदर गये वहां भी बहुत सारे लोग एक ही हाल मे सभी प्रे कर रहे थे वहां जाने से हमे ऐसा लग रहा था कि हम लोग रोम के फादरों के साथ प्रे कर रहे है फिर वहां हम सभी ने बैठा जगह खाली देखकर अब हमे वहां भाषा समझ नही आ रहा था क्योकि वे लोग वहां अपने सदरी बोली मे ही प्रे कर रहे थे वहां पर बजने वाले वाद्ययंत्र बहुत ही पुराने थे उसे सुनकर बहुत ही अच्छा लगरहा था क्योकि वो धुन जो थी बिना साउंड मिक्सींग की थी वो बहुत ही प्यारा था वहां पर दूर दराज से भी लोग आये हुये थे हमारे दोस्तो के लिए पहला यह पल था जब वो चर्च मे कदम रखे थे तो उनके पास बहुत सारी सवाले थी जो मुझसे वो पूछने लगे वो सब मै बताता रहा अब ऐसे तैसे हम सब वहां दिनभर कार मे घुमने के वजह से बैठने मे तकलीफ होने लगी तो हम लोग बहार निकल कर पूरा चर्च के चारो घूमना शुरू कर दिया


फिर घूमते हुए हम सब वहां पर बने हुये प्रभु ईसु मसीह की झांकी को घूमे वहां हम लोग को ही देखने से ऐसा लग रहा था कि मानो हम ही लोग इस बडे त्यौहार को सेलिब्रेट कर रहे हो, वहां पर कुछ फारेनर भी आये हुये थे जब 12 बजा तो लगा की पटाखे फूटेगे पर ऐसा कुछ नही हुआ क्योकि ज्यादातर लोग प्रेयर कर रहे थे वहां से ही फादर ने सबको बधाईयां दी कुछ लोग बहार मे बैठकर सुन रहे थे फिर प्रभु की प्रसाद की बारी आयी तो हमारे दोस्तो ने कहने लगे कि यहां तो प्रसाद मे वाइन बट रहा है क्यो न हम भी थोडा ग्रहण कर ले पर फादर के अनुसार वो सिर्फ उनके लिए था जो बत्तिसवां ले चुके है हुम लोग देखते रह गये हमारे दोस्त नागेश का मन नही मान रहा था इसलिए उसने पास से जाकर उसे ग्रहण कैसे करते है, फादार क्या करता है मतलब जो अर्शिवाद देते है वो सब इनके लिए नया था इसलिए वो ग्रहण करने से पहले पूरा अभ्यास मे लग गया पर बोलता है, अगर हम लोग जायेगे तो पकडा जायेगे दादा मै हंसने लगा अरे छोडो यार ये सब हमारे लिए नही है चलो और घूमते है बोलकर हम लोग चर्च के सातो दरवाजो के भी देखे कि हां ये सही मे बहुत बडा है वो सब हम लोग एंजाय करते रहे, फिर भाभी जी और वो साथ मे दोनो लडकीयां आये हम सब एक दूसरे को बधाईयां देने लगे फिर भी अब चर्च का प्रेयर समाप्ति की ओर था कुछ लोग भी चर्च से जाने लगे तो हम लोगो ने वहां से निकले एक शाप खुली थी जहां केक बिक रहे थे तो हम लोग भी एक केक खरीद लिए!
अब सोनू भैया का अतापता नही था कि वो कार कहां पार्किगं करके सो रहे है काल करने पर वो भी नही उठा रहे थे तो हम लोगो ने एक एक कार को चेक कर उसे ठूंठ निकाला फिर कार के पास सभी ने केक काटा और संजय भाई के साथ हम सबने ्िरकसमस सेलिब्रेट करते हुये सब कार मे बैठकर वापस आये वो लोभन भाई का कहना था कि मुझे मेरे घर छोड दो कल सुबह तुम लोग बाइक से आना फिर हम सब उनके गांव को देखेगे फिर हम लोग वहां से निकलकर रातो रात संजय भाई के घर आ गये और सब सीधे सोने लग गये!





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