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| शिवरीनरायण |
वहां पहुचते ही संजय भाई हम सब को लेने आ ही
रहे थे मिलकर सबको बहुत अच्छा लगा, पूरी दुकाने सजी हुई थी क्रिसमस की तैयारी मे, वहां से उसने अपने घर ले गया वहां उनके घर जाने
पर हम लोग के आने की खूशी मे सब खाने की तैयारी मे लगे हुये थे अब हम सबको एहसास
होने लगा कि ठंड है यहां पर वहां तो सब सेवटर पहने हुऐ थे, फिर हम ![]() |
| ठंड का एहसास |
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| ये हमारे भाई नागेश जो जम्मू कश्मीर के पत्थर बाज लग रहे है |





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